Hindi Poetry on Nationalism – HAR GHAR KO LOOT LIYA MILKE ISS MULK KE CHAUKIDARO NE – Kunal Atithi

Hindi Poetry on Nationalism – HAR GHAR KO LOOT LIYA MILKE ISS MULK KE CHAUKIDARO NE – Kunal Atithi


ये बात है उस शाम की ना अल्लाह की ना राम की कि जल रही थी ये जमीं पिघल रहा था आसमां शाहदतों की जीत पर मचल रहा था ये जहां लाशों की उन चीत्कार से बंध चुका था एक समां सब मग्न खुद की धुन में थे न तू वहाँ न मैं वहाँ सुना है कुछ काफिरों ने बड़ा लंबा जाल बिछाया था सदियों के सोने की चिड़िया को भी पीतल कर डाला था सुना है कुछ काफिरों ने बड़ा लंबा जाल बिछाया था सदियों के सोने की चिड़िया को भी पीतल कर डाला था कुचल कर सैकड़ों बलिदानों को बापू ने नाम कमाया था तू हिन्दू है तू मुस्लिम है सबपर स्टैंप लगाया था केहकर कि सबकी मर्जी है नेहरू का हिंदुस्तान बनाया था अब भी पूछती है ये धरती क्या तूने मुझे बताया था बंटवारे कि इन रंजीशों से तिरंगा भी अब बच ना सका हरा मुसलमां हो गया और भगवा हिन्दू केहलाने लगा बंटवारे कि इन रंजीशों से तिरंगा भी अब बच ना सका हरा मुसलमां हो गया और भगवा हिन्दू केहलाने लगा सबकी करनी का बोझ लिए है श्वेत अब भी स्वतंत्र खड़ा चौबीस तीलियों के चक्र ने सारे धर्मों को बांध रखा सत्तर सालों की अज़ादी कल रात बिलख कर रोई थी खाक हुए सारे सपने जो सदियों से संजोई थी झूठे जुमलों की बारिश से था आकाल पड़ा खलिहानों में क्षण क्षण रुकती इन सांसो से विद्रोह हुआ गलियारों में लगते हैं हाय हाय के नारे अब मंदिर में और रमजानों में है खुदा भी सकते में आखिर ये कैसा मर्ज़ हुआ इंसानों में हर घर को लूट लिया मिलकर इस मुल्क के चौकीदारों ने

74 thoughts on “Hindi Poetry on Nationalism – HAR GHAR KO LOOT LIYA MILKE ISS MULK KE CHAUKIDARO NE – Kunal Atithi

  1. Nationalism is not just about creating a country, it's about working in the direction of creating a world, a society, a home where everyone live in harmony and peace.

  2. Nationalism pe poetries kamm dekhi hai. Did a good job with Poetry Kunal Atithi. It's kinda a new look into nationalism

  3. Nice. Poetry iss form me depict karo to maza bhi aae. Elections aarahe hai. Nationalism hot topic ban jaaega. Good job Kunal Atithi.

  4. A complete definition of true nationalism…. Etihas ki tanashahi or present ke barbolepan….. Sabko lapet liya…. Interesting 🙏🙏😊😊

  5. Showering a whole new view to nationalism through lines of narration with a wonderful poem like this, is worth praising.

  6. Such an amazing creation on nationalism……. Limewit always comes with something new… That's why I love it the most

  7. Sab kuch theek hai. poetry acchi hai desh bhakti aur nationalism pe. Parr Gandhi pe faaltu kyuu bollrahaa haii saale gaandu

  8. वो एक ही हस्ती, एक ही वजूद है. जिसने ये सारा जहान बनाया है , फर्क इतना की कुछ उसे “खुदा” तो कुछ उसे “भगवान्” कहते है….Nice poetry Kunal….Waiting for more such poetry videos LIMEWIT…

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